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NIFT graduates need to embrace traditional knowledge of design: Anand Sharma

NIFT graduates need to embrace traditional knowledge of design: Anand Sharma

New Delhi, Dec 28 (VCC) Union Minister of Commerce, Industry and Textiles Anand Sharma has asked fresh graduates of National Institute of Fashion Technology (NIFT) to embrace the traditional knowledge of design in their work and keep their connect with ethics and ethos alive.

“Our country is a rich nation in terms of tradition and old practices of design NIFT students and faculty have to adopt and take this forwarded as a responsibility” he said at the convocation ceremony at the NIFT yesterday.

The Minister congratulated the NIFT for completing 25 years. The fresh batch of graduates and post-graduates from class of 2011 were awarded Degrees in the Convocation Ceremony by the Textiles Minister. Board of Governors of NIFT and distinguished experts from the industry were also present on the occasion.

Sharma said that Indian fashion Industry is still evolving but surely it has made its mark. “It has been a long journey and need is to keep creating hopes and harvesting dreams,” he added.

Minister lauded NIFT efforts is preserving and propagating the traditional arts and crafts of India at local and regional level.

Ms Monika S Garg the Direct General of NIFT while addressing the gathering said that NIFT is committed to creating and maintaining an environment that promises an approach of knowledge transfer, here academic strategy embraces internationalism and facilitate an invigorating thought- process which is multidisciplinary and dynamic.”

She informed that, this year in the presence of the Prime Ministers of both the countries at Dhaka, NIFT entered into an association with BGMEA Institute of Fashion Technology, Bangladesh for collaboration in various areas based on building specific professional competencies.

‘’We are confident that this endeavour will identify placement and job opportunities for NIFTians in Bangladesh. The institute this year has enhanced the international visibility and standing. NIFT has entered into a strategic alliance with the Fashion Institute of Technology, New York, USA in the form of Dual Degree. Our strategy seeks to realize the opportunities to find the better placement options for the students in India and overseas,’’ she added.

 


 

   

ओजबू देगी हर जानकारी

ओजबू देगी हर जानकारी

नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने ऐसी वेबसाइट बनाई है जिसके द्वारा डीयू के सभी छात्र फेसबुक की तरह आपस में जुड़ सकते हैं। साथ ही इसके अलावा इस साइट में कई ऐसे फीचर हैं जो युवाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इस साइट पर न केवल आप नोट्स शेयर कर सकते हैं, बल्कि ई-बुक्स भी पढ़ सकते हैं। साथ ही म्युजिक अपलोड करने के साथ-साथ नौकरी और इंटर्न के मौके कहां उपलब्ध है इसके बारे में भी पता कर सकते हैं।
 
दिल्ली विश्वविद्यालय के बीकॉम ऑनर्स द्वितीय वर्ष में पढ़ाई करने वाले हिमांशु पाल ने अपने दोस्तों अंकित अग्रवाल और करन सिंह के साथ मिलकर  www.ozvoo.com नामक सोशल नेटवर्किंग साइट बनाई है। वह बताते हैं कि उन्हें लगता है कि कोई ऐसा माध्यम नहीं है जिसके द्वारा डीयू की जानकारियों को आपस में शेयर किया जा सकें। ऐसे में मैंने ओजवू बनाने का फैसला किया। इस साइट में हमने कई नए फीचर जैसे कि अपने दोस्तों से मूड के बारे में शेयर कर सकते हैं, मोबाइल फोन, किताब, इवेंट, प्रोजेक्ट्स को शेयर कर सकते हैं। यही नहीं इसके द्वारा डीयू में विभिन्न कॉलेजों में चलने वाले इवेंट के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। हिमांशु ने बताया कि मैंने महसूस किया कि साउथ कैंपस में चलने वाले कई इवेंट के बारे में हमें जानकारी नहीं मिल पाती है और वहां के छात्रों को नॉर्थ कैंपस में चलने वाले कार्यक्रमों की। ऐसे में यह साइट डीयू के सभी छात्रों के लिए एक मंच पर जमा होने का प्लेटफॉर्म होगा। वह बताते हैं कि अब तक इस वेबसाइट से पांच हजार छात्र जुड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस पर आप पिछले सालों के प्रश्नपत्र और एग्जाम के नोट्स भी पढ़ सकते हैं। यही नहीं 15 एमबी तक म्युजिक डाउनलोड कर सकते हैं।
 
Courtesy-LiveHindustan.com
   

कॉलेज की स्थिति जानने के लिए सर्वे

कॉलेज की स्थिति जानने के लिए सर्वे
 
नई दिल्ली, कोर्स, कॉलेज, छात्र और शिक्षक तक की स्थिति जानने के लिए सर्वे का सहारा लिया जाएगा। ताकि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सही स्थिति का पता लगाया जा सके। इसके लिए गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) सहित कई संस्थानों में कवायद तेज हो गई है।
 
आईपीयू विश्वविद्यालय ने सर्वे से संबंधित जानकारी मुहैया कराने और विश्वविद्यालय के साथ तालमेल बैठाने के लिए सभी इंस्टीट्यूट को पत्र भेजा है, जिसमें कहा है कि अखिल भारतीय स्तर पर उच्च शिक्षा की स्थिति का पता लगाने के लिए व्यापक स्तर पर सर्वे कराने की योजना है। इस योजना को ध्यान में रखते हुए सभी इंस्टीट्यूट अपने स्तर पर एक नोडल ऑफिसर की नियुक्ति करे।

आईपीयू के रजिस्ट्रार डॉ. बीपी जोशी की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से सर्वे कराया जाएगा। इस कार्य को अंजाम देने के लिए अलग वेबसाइट www.aishe.nic.in बनाई गई है। इस वेबसाइट के माध्यम से इंस्टीट्यूट शिक्षक, कोर्स, वर्ग हिसाब से छात्रों की संख्या, विदेशी छात्रों की संख्या, क्षेत्रफल आदि की जानकारी मुहैया कराएंगे। इतना ही नहीं 
 
अलग-अलग प्रोग्राम के हिसाब से छात्रों के रजिस्ट्रेशन की भी जानकारी देंगे। इसके अलावा नॉन-टीचिंग स्टॉफ की संख्या उपलब्ध कराई जाएगी।

मालूम हो कि अखिल भारतीय स्तर पर उच्च शिक्षा की वास्तविक तस्वीर जानने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। जिसमें देशभर के विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज आदि संस्थानों की जानकारी ली जाएगी। सर्वे की जिम्मेवारी नेशनल यूनिवर्सिटी प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (न्यूपा) को दी गई है।

क्या है मकसद : अखिल भारतीय स्तर पर उच्च शिक्षा की वास्तविक तस्वीर का पता लगाना है और सही डाटा उपलब्ध कराना है ताकि पता चल सके देश में उच्च शिक्षा की क्या स्थिति है।

Courtesy-LiveHindustan.com
Last Updated on Thursday, 13 October 2011 11:44
   

शिक्षक बनने के ख्वाब में खानी पड़ सकती है जेल की हवा

शिक्षक बनने के ख्वाब में खानी पड़ सकती है जेल की हवा
 
नई दिल्ली. एमसीडी ने अपने स्कूलों के लिए अनुबंध के आधार पर 1300 शिक्षकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया में फर्जी जानकारी देने वाले अभ्यार्थियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इसके तहत विभिन्न जोनों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है कि वे आवेदकों के प्रमाण पत्रों की गंभीरता से जांच करें और फर्जी प्रमाण पत्र वाले अभ्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। 

दरअसल, इस भर्ती प्रक्रिया के लिए लगभग 48 हजार अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से मेरिट लिस्ट में 2042 छात्रों की सूची तैयार की गई, लेकिन जांच के दौरान महज 1393 अभ्यर्थी ही एमसीडी कार्यालय में पहुंचे। माना जा रहा है कि जो अभ्यर्थी अपने प्रमाण पत्रों की जांच के लिए नहीं पहुंचे, उनमें से अधिकांश ने फर्जी तरीके से आवेदन किया था और एमसीडी की वेबसाइट पर गलत जानकारी उपलब्ध कराई थी। 

एमसीडी में शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नागपाल के मुताबिक मेरिट लिस्ट में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए एमसीडी के कर्मचारी अन्य राज्यों में भी गए हैं। फर्जी प्रमाण पत्र का मामला सही साबित होने पर संबंधित अभ्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 

बताया जा रहा है कि सामान्य वर्ग में 1034 अभ्यार्थियों में से 358 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहें, वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के 504 में से 123, अनुसूचित जाति वर्ग के पदों के लिए 308 अभ्यार्थियों में से 91 और अनुसूचित जनजाति के 154 अभ्यार्थियों में से महज 92 लोग ही उपस्थित हुए।
 
Courtesy-Dainikbhaskar.com 
   
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